जनपद सिद्धार्थ नगर के थाना ढेबरुआ में युवती के साथ गैंग रैप करने की कोशिश से छेत्र में बना चर्चा का विषय

 अपराध का अन्त संवाददाता 


सिद्धार्थनगर के थाना ढेबरूआ में युवती के साथ गैंग रैप करने की कोशिश,

 रेप करने की कोशिश करने वालों की जगह जेल, मुझे न्याय चाहिए एसपी साहब-पीड़िता।

ढेबरूवा पुलिस की कार्यवाही से उत्तर प्रदेश पुलिस की खाकी फिर सर्मशार

सरकार के लाइन आर्डर की ढेबरूवा थाना प्रभारी उड़ा रहे धज्जियां?

पीड़िता न्याय मांगने पहुंची सिद्धार्थनगर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आन्नद के पास। 

सिद्धार्थनगर संवाददाता। थाना क्षेत्र ढेबरूवा के अन्तर्गत एक युवती के साथ सुबह गैंग रेप करने की कोशिश की गई। मामला नहीं बना तो दबंग शान्त हो गये। फिर उसी दिन रात का फायदा उठाकर दूसरी युवती के घर में घुस गैंग रेप करने की कोशिश करने लगे। जब इसका विरोध युवती ने किया तो उसके कपड़े फ़ाड़कर उसे अर्धनग्न कर दिया। जब इतने में जी नहीं भरा तो उसको मारपीट कर सिर फोड़ दिया।


उपरोक्त बातें पीड़िता ने तहरीर देकर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर से न्याय की गुहार लगाई है।

डबडबाई आंखों से पीड़िता ने कहा एसपी साहब मुझे न्याय दिला दो।

बता दें कि घटना घटे लगभग छ दिन बीत गए, पीड़िता ने 20 जून 2023 को एसपी सिद्धार्थनगर के कार्यालय पहुंचकर लिखित तहरीर देकर अपने जान माल की सुरक्षा के साथ अपनी इज्जत की सुरक्षा की मांग उठाई है।

खबर विस्तार से बताया जाता है कि पीड़िता का काल्पनिक नाम (संगीता) दिनांक 14 जून 2023 समय 10:30 वजे दिन में मनीष पुत्र बृजलाल चौबे व मणिन्द्र पुत्र श्यामलाल चौबे निवासी जियाभारी, थाना ढेबरूआ, जनपद सिद्धार्थनगर ने शराब पीकर अश्लील बातें करते हुए बलात्कार करने का प्रयास पीड़िता के साथ करने लगे और कपड़ा फाड़ दिया। जिसका विरोध उसका पति करने लगा तो मुल्जिमों ने पीड़िता के पति को जान से मारने की धमकी देते हुए लाठी डंडे व लात घूसो से खूब मारा पीट दिया। पीड़िता ने कहा शोर सुनकर गांव के लोग बीच बचाव किया। घटना की सूचना थाना प्रभारी ढेबरूआ को 14 जून 2023 को लिखित रूप में देकर पीड़िता ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई। लेकिन ढेबरूआ पुलिस मामले को हल्के में लेकर चुप हो गई। जबकि उक्त मामले के कुछ अंश का वीडियो भी वायरल हो रहा है।


मामला शांत देख लोग अपने काम धन्धे में लग गए लेकिन क्या पता कि फिर कोई अनहोनी हो सकती है। रात्रि होते ही रात्रि का फायदा उठाकर पीड़िता के ननदि जिसका काल्पनिक नाम (माया) बताया जाता है। उसके साथ उसी के घर में घुसकर अकेला पाकर गैंग रेप करने की कोशिश मनीष चौबे पुत्र बृजलाल चौबे, व उपेंद्र चोबे, सत्येंद्र चौबे, नूतन चौबे, मणिन्द्र चौबे पुत्रगण श्यामलाल चौबे करते हुए युवती के कपड़े फाड़कर अर्धनग्न कर दिये।

पीड़िता ने कहा जब इसका विरोध करने लगी तो उपरोक्त लोग मारपीट कर मुझे घायल कर मेरा सिर फोड़ दिया। घटना की शोरगुल सुनकर लोगों ने युवती की इज्जत बचाये। इस घटना से पूरे जवार में कोहराम मच गया है। पीड़िता ने घटना की सूचना दिनांक 15 जून 2023 को थाना मुकामी ढेबरूआ को दी, लेकिन ढेबरूआ पुलिस कोई कार्यवाही नहीं की। जब थाने से कोई कार्यवाही नहीं हुई तो पीड़िता ने अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ नगर को अपनी आपबीती घटना के बावत लिखित तहरीर दी। पीड़िता ने कहा अपर पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देने के बाद ढेबरूआ थाने की पुलिस ने अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की।

पीड़िता को न्याय मांगते छ दिन बीत गए लेकिन पीड़िता को न्याय नहीं मिला तब गुससाए ग्रामीणों ने पीड़िता को साथ में लेकर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर से न्याय की गुहार लगाने पहुंच गई और अपनी आपबीती कहानी पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर से सुनाई।


पीड़िता ने मीडिया से डबडबाई आंखों से कहने लगी कि थाना ढेबरूआ को तहरीर दी। लेकिन ना तो मेरा मेडिकल हुआ और ना ही मेरा F.i.r. पुलिस दर्ज की। बल्कि मेरा मुकदमा ना लिखकर उल्टे मेरे ही घर वालों पर मुकदमा लिखकर ढेबरूवा पुलिस ने जेल भेज दिया। साहब यह कहा का न्याय है। पुलिस के इस कार्यवाही से गांव जवार में सनसनी फ़ैल गई है लोग गुस्साए हुए दिख रहे हैं।


जब इस घटना के बारे में थाना प्रभारी ढेबरुआ से जानकारी चाही गई तो उन्होंने कहा इस संबंध में कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।।


पीड़िता ने अपनी आश की एक किरण चुनकर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर अमित कुमार आन्नद को अपनी आपबीती सुनाकर डबडबाई आंखों से न्याय की गुहार लगाते हुए कही साहब मुझे न्याय चाहिए।


देखा जाए तो जहां यूपी सरकार का फरमान दुराचार करने की कोशिश करने वालों को जेल के सलाखों में पुलिस कैद करें, वहीं थाना प्रभारी ढेबरूवा ऐसे लोगों को संरक्षण देने में जुटे। पीड़िता ने अपनी आपबीती कहानी बताते हुए पुलिस पर उपरोक्त आरोप लगाया है।

थाना प्रभारी ढेबरूआ के इस कृत्य से उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का लायन आर्डर पर क्या प्रभाव पड़ेगा पुलिस ही जाने। लेकिन सरकार की स्वच्छ क्षवि पर थाना ढेबरूवा पुलिस प्रशासन की कुछ आला अधिकारी पलीता लगा रही हैं। मामला सुलझाने के बजाय उलझाने में लगे है। देखा जाए तो अभी भी कुछ पुलिस वालों पर जनता का विश्वास कायम है। लेकिन ढेबरूआ पुलिस की रवैये से खाकी पर फिर सवाल खड़ा हो रहा है।

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"मामले की जांच कर उचित कार्यवाही की जायेगी-गर्वित सिंह PPS, सीओ, शोहरतगढ़, जनपद - सिद्धार्थनगर 

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देखना अब है कि पीड़ित को न्याय कौन देगा यह सवाल जनता उत्तर प्रदेश सरकार से कर रही है और खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर अमित कुमार आन्नद क्या कार्यवाही करते है।

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