अपराध का अन्त संवाददाता
हाथरस प्रमोद मढाका
दिनांक: 06, जुलाई 2023( हाथरस:)महिला सुरक्षा की उत्तर प्रदेश सरकार लाख दुहाई दे। केन्द्र सरकार एवं महिला आयोग महिला सशक्तिकरण को प्रबल करने के लिए एड़ी से चोटी तक का जोर लगा रही। लेकिन खाकी वर्दी की खुमारी के आगे उत्तर प्रदेश नतमस्तक है। सूबे में महिलाओं पर अत्याचार चरम पर है। आए दिन पीड़ित महिलाए थाने की चौखट पर परिक्रमा लगाते लगाते न्याय की खातिर भटक रही हैं। वहीं खाकी वर्दी की नींद तक नहीं खुल रही।
मामला जनपद हाथरस के थाना क्षेत्र सादाबाद का है। विगत दो दिन पहले युवती मीना देवी पत्नी कोमल निवासी श्याम नगर ,नरायच रामबाग आगरा की अपना भतीजी (जेठौटपुत्री) जुली एवं रूबी जेठौट दामाद में एक माह पूर्व से ग्रह कलह चल रहा था। जिसका सुलह करवाने जेठौत की ससुराल चामड़ मौहल्ला सादाबाद जनपद हाथरस आई हुई थी। युवती मीना सिंह को अपनी भतीजी (जेठौत पुत्री) जुली एवं रूबी की ग्रह कलह सुलह करवाना भारी पड़ गया। जेठौत के ससुराल वालों एवं दामाद अश्वनी कुमार पत्रकार, उपेंद्र कुमार पुत्र चिरंजी लाल, मछला देवी पति चिरंजी लाल, रानी कृष्णा आदि ने मिलकर युवती को गन्दी - गन्दी गालियां देते हुए लाठी - डंडों, लात - घूंसो से जमकर मारपीट की। जिससे युवती के चहरे एव शेयर पर गंभीर चोटें आई। पीड़ित युवती उक्त लोगों के खिलाफ़ प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज करवाने थाना आए । "खाकी की खुमारी , पत्रकार की यारी " के चलते युवती को थाने से बेरंग ही लौटना पड़ा ।
पीड़ित युवती ने थाना प्रभारी सादाबाद पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि थाने में कोई सुनवाई नहीं हुए । उल्टा पीड़ित युवती के पति को हवालात में चार घंटे बंद कर पीड़ित युवती के साथ अमर्यादित भाषा एवं पति - पत्नी पर लूट- पाट का मुकदमा दर्ज करने का डर दिखा कर थाने से भगा दिया।
वहीं सूत्रों के हवाले की माने तो सादाबाद पुलिस का अपराधियों एवं अपराधित किस्म के सपोलो एवं पालन - पोषण करने में बड़ी ही माहिर है। क्षेत्र की जनता का कहना है कि सादाबाद पुलिस का साया अपराधियों पर सदैव बरकरार रहते हैं। सादाबाद पुलिस की छत्रछाया में अपराधित किस्म के लोग फलफूल रहे हैं। क्षेत्र में अपराधित घटनाएं चरम पर। वहीं सादाबाद पुलिस पीड़ित को न्याय तो दूर उल्टा पीड़ित को डरा धमका कर थाने से भगा देती है।
पीड़ित का कहना है कि मुख्यमंत्री पोर्टल हेलो लाइन एवं महिला आयोग का दरवाजा खटखटाया। अब देखना है। कि पीड़ित युवती को न्याय मिलेगा या नही