बांसी के गुलरिहा राजा के राजस्व ग्राम बाकुआव में डा भीम राव अम्बेडकर का प्रभात फेरी निकाली और आंबेडकर पार्क का शिलान्यास हुआ शिव नारायण बौद्घ

बांसी के ग्राम पंचायत गुलरिहा राजा के टोला बाकुवाऊ में अंबेडकर पार्क का हुआ उदघाटन राम सुभग सिद्धार्थ नगर संवाददाता जनपद सिद्धार्थनगर के तहसील बांसी के अंतर्गत ग्राम पंचायत गुलरिहा राजा के राजस्व ग्राम बाकुआव में 17 अप्रैल को बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर प्रभात फेरी निकाला गया जिसमें टड़वल, भुजराई ,भवारी होते हुए बकुआव पहुंचकर पूजा वंदन किया गया उसके उपरांत पंचशील किचन तहसील त्रिशरण सील आज का मंत्रोच्चारण किया गया जिसमें भंते के द्वारा बुध और डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन करते हुए तमाम बुद्धिजीवी वर्ग लोगों ने बुद्ध भगवान और डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया वहीं अनेक महिलाओं ने भी बुद्ध भगवान के चित्र और बाबा साहब के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर नमन किया इस प्रकार से कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए अध्यक्षता कर रहे राम सुभग ने कहां यहां बाबा साहब की जयंती को लोग धूमधाम से मनाते हैं इस अवसर पर हम लोगों ने एक निर्णय सुनिश्चित किया है कि हमारे क्षेत्र में बार-बार बाबा साहब के विचार को ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए कार्यक्रम समय समय से होता रहता है लेकिन यहां एक अंबेडकर पार्क ना होने की वजह से काफी दिखते होती है आज 17 अप्रैल2023 को डा भीम राव अम्बेडकर की 132 जयंती के अवसर बाकू आव ग्राम में हम सभी समस्त ग्राम वासियों के सहमति से अंबेडकर पार्क का बनाने के लिए निर्णय लिया गया है जिसका सभी की मौजूदगी में शिलान्यास किया जाएगा इस प्रकार से कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए भंते और शिवनारायण बौद्ध एवं अध्यक्षता कर रहे राम सुभग ,रामवृक्ष की मौजूदगी में बुद्ध अंबेडकर पार्क का शिलान्यास किया गया और कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रामसेवक ने कहा आने वाले समय में यह अंबेडकर पार्क है निश्चित रूप से सजाया जाएगा इससे बढ़िया निर्माण कर के चारों तरफ चारदीवारी और बाबा साहब के विचार लेखन का कार्य किया जाएगा लेकिन यह अभी जो है शुभारंभ है हो रहा है आने वाले समय में सभी यहां के लोगों के सहयोग से सानिध्य से यह एक भव्य पार्क का रूप दिया जाएगा जो यहां के क्षेत्र के लोगों का बहुत ही लाभदायक सिद्ध होगा और यह सजा सारी व्यवस्था में उपलब्ध कराई जाएंगी आने वाले समय में और सब का सहयोग सानिध्य इस अंबेडकर पार्क में मिलना चाहिए और यहां के सभी क्षेत्रवासी काफी खुशी जाहिर किया और प्रभात फेरी के दौरान तमाम लोगों ने डीजे पर छिलके और बाबा साहब के विचारों पर मगन होते हुए जय जयकारा लगाते हुए आगे बढ़े और काफी संख्या में लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया इन सब को जीता जागता उदाहरण बताया कि अब जो है बाबा साहब के विचार को जन-जन तक पहुंचाने में कोई करता नहीं होगी जिस तरह से आने वाले समय में 14 अप्रैल को काफी संख्या में जगह-जगह जो है लोगों ने शोभायात्रा निकाला प्रभात फेरी किया तो कहीं ना कहीं यह लग रहा है कि लोग जागरूक हो रहे हैं और अपने मान सम्मान हक की लड़ाई और बाबा साहब के विचार को फैलाने के लिए लोग जगह-जगह लग गए हैं इससे यह सिद्ध होता है कि हमारे समाज के प्रबुद्ध जन जा चुके हैं और अपने हक और अधिकार की लड़ाई और सम्मान के लिए तत्पर हैं इन सब बातों को उन्होंने बताया वही जो है शिवनारायण बौद्ध ने कहा कि यह जो है यहां के सभी बुद्धिजीवी और पूर्व में तमाम समाजसेवियों ने जो जागरूक करके इस तरह से कार्यक्रम करने का कार्य किया मैं उनको बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं जो इस तरह से कार्यक्रम करके आज जो है अंबेडकर पार्क का निर्माण कराया जा रहा है यह बहुत ही खुशी और गर्व की बात है यहां के क्षेत्रवासी सभी लोग इसका फायदा उठाएंगे और शादी पिया या किसी भी कार्यक्रम में यहां अपना कार्यक्रम करके अपने सफल बनाने का प्रयास करेंगे और इसकी साफ-सफाई देखभाल यहां के जिम्मेदार लोग ही होंगे और यहां के जो नियुक्ति समिति है समिति के पदाधिकारी होंगे उनकी नैतिक जिम्मेदारी होगी इसकी अंबेडकर को आगे बढ़ाने में और सुरक्षा देने में पूरा से पूरा ध्यान देने का कष्ट करेंगे आप सभी लोगों से अपील करते हैं और इसी तरह से जगह जो है प्रयास करने चाहिए ताकि अंबेडकर पार्क में जहां खाली जगह हो जहां कहीं भी बाधित ना हो ऐसी जगहों के नाम से एक बार करनी चाहिए ताकि जो है ओके वहां जब भी कोई कार्यक्रम सामाजिक होता है तो वहां किया जाए ताकि कहीं किसी प्रकार की दिक्कत ना हो इस प्रकार से शिवनारायण बौद्ध ने अपनी बात रखी इस कार्यक्रम में महिला और पुरुष और बच्चों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया और कार्यक्रम को सफल बनाने में अथक प्रयास किया जिसमें गांव बबुआ के तमाम लोगों ने सम्मिलित हुआ और सराहना किया अध्यक्ष रामवृक्ष प्रेम नाथ शास्त्री महेंद्र पाल प्रेम प्रकाश परशुराम शिवनारायण बौद्ध तुलसीराम , कुंज बिहारी आदि कई लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने