भारतीय बौद्ध संघ के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष टीम के साथ पहुंचे गांभू ग्राम मे बुद्ध भगवान की मूर्ति की जांच करने पहुंचे प्रहलाद भाई चौहान


गुजरात    संवाददाता

गुजरात के महेसाना जिल्ले के बहुचराजी तहसील के गांभु गांव में भगवान बुद्ध के मुर्तियां मिलने के समाचार आज कल पुरे भारत वर्ष में चर्चा रहे हैं ऐसे में 

दिनांक 18 सितंबर 2022 ( रविवार ) के दिन प्रहलादभाई चौहान, राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष भारतीय बौद्ध संघ, अरुणकुमार साधु, पूर्व डिरेक्टर अम्बेडकर अंत्योदय विकास निगम गांधीनगर, कल्पेशभाई परमार, महासचिव श्री 135 पाटनवाडा बुनकर समाज महेसाना आदि ने गांव गांभू तहसील बेचराजी जिला महेसाना गुजरात मे जहां आजसे दश बारा दिन पहले कातिजी ठाकोर के घर संडास - बाथरूम के लिये 10 फिट कुई खुदाई के दरम्यान तथागत भगवान बुद्ध की एक काले पथ्थर की और दो सफेद पथ्थर जिसमे एक खंडित मूर्ति प्राप्त हुई जिसकी रूबरू जांच निरीक्षण करने पहुचे वहां एक चमनभाई बबलदास रावल से मुलाकात हुई और उनका घर जहां मूर्तियां निकली है वही पर है, गावमे ठाकोर समुदाई एवं रावल समुदाई का महोल्ला एक साथ है, चमनभाई रावल ने बातचीत के दोरान बताया की यहां ठाकोर के घर खाणकुई के 10 फिट खुदाई के दरम्यान तथागत भगवान बुद्ध की एक काले कलर की बडी एवं तीन सफेद कलर की मूर्तियां निकली उस समय गांव के बडी संख्यामे लोग इकठ्ठे हो गये सभी लोग भगवान की मूर्तियां के दर्शन के लिये उत्सुक रहे बादमे गांव के सरपंच कल्पेश मिस्त्री एवं पुलिस आई वहां गांव मे जैन समुदाई का जैन मंदिर है उसका पुजारी भी आया जेसीबी मशीन से चारो मूर्तियां निकाली गईं और फिलहाल मे चारो मुर्तियांको जैन मंदिर की कस्टडीमे रखी गईं है, हम तिनो वहां जैन मंदिर पहुचे उन चारो मूर्तियोंको देखा वहां गांव के सरपंच कल्पेश मिस्त्री जिसका मो.  989844533 को बुलाया गया उनसे बातचीत कीया उसका वीडियो भी लिया गया वहां जैन समाज मंदिर के पुजारी ने बताया की यह तिनो मूर्तियां तथागत भगवान बुद्ध की नही पर यह भगवान महावीर की मूर्तियां है, गांव के सरपंचने ऐसा कोइ ठोस  दावा नही कीया हमने सभी लोगो को बताया की इसमे धार्मिक विवाद करनेकी जरूरत नही है, सरकार को जांच करने दीजिये वहां दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा, सरपंच कल्पेश मिस्त्री ने बताया की वहां अभी भी जमिन की ज्यादा खुदाई की जाय तो ज्यादा मूर्तियां या अन्य चीज वस्तु निकलनेकी संभावना है, तो हमारी सरकार से मांग है की पुरातत्व विभाग कि ओर से जमीन के गर्भ गृह कि ज्यादा खुदाई कराके और जो मूर्तियां या चीज वस्तु हो उसे निकाली जाय, और सरकार जांच कराके फैसला करे की यह मूर्तियां तथागत भगवान बुद्ध की है या भगवान महावीर की ताकी इसके अनुसंधान कोइ धार्मिक विवाद खडाना हो और हमारी केन्द्र एवं राज्य सरकार से मांग है की अभी यह मूर्तियां गांव के जैन मंदिर की कस्टडीमे है वहां से सरकार अपनी कस्टडी मे ले हमारा तो मानना है की यह चारो मूर्तियां तथागत भगवान बुद्ध की मूर्तियां है,

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